प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ग्रामीणों को जांच, परामर्श और जागरूकता का लाभ
झिरन्या/खरगोन। The India Speaks Desk
आकांक्षी विकासखंड झिरन्या में आयोजित जनकल्याण शिविर के तहत प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से निःशुल्क टीबी जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से ग्रामीणों की जांच कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की गई तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया गया।
शिविर के दौरान कुल 35 लोगों की एक्स-रे जांच की गई, जिनमें 23 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल रहीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के आधार पर संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे की चिकित्सीय प्रक्रिया एवं उपचार संबंधी जानकारी दी।
समय पर जांच और उपचार पर दिया गया जोर
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को टीबी रोग के प्रमुख लक्षण, संक्रमण से बचाव के उपाय तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि टीबी का समय रहते पता लगने पर इसका प्रभावी उपचार संभव है, जिससे रोग के प्रसार को भी रोका जा सकता है।
“टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य प्रत्येक संभावित मरीज तक समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुंचाना है, ताकि देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।”
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त पहल


स्थानीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि शिविर के आगामी चरणों में टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में फूड बास्केट का वितरण भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य उपचार के दौरान मरीजों के पोषण स्तर में सुधार करना और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। यह पहल मरीजों की रिकवरी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।












