बड़वाह। सांदीपनि शासकीय कन्या शाला बड़वाह की प्राचार्य हंसा कानूड़े 37 वर्ष के शासकीय सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त हुईं। उनके विदाई समारोह में शाला परिवार और परिजनों ने उनके कार्यकाल को याद किया। इस दौरान माहौल भावुक रहा और शिक्षकों ने उनके सहज व्यवहार तथा छात्राओं के प्रति समर्पण को याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
छात्राओं के प्रति समर्पण को किया याद
कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुई। शिक्षक डीएस चौहान ने कार्यक्रम का संचालन किया। संस्था के उपप्राचार्य निर्मल चौधरी ने बताया कि विदाई समारोह में प्राचार्य हंसा कानूड़े के परिवारजन भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में विशाल सिंह चौहान और अनुप अत्रे ने प्राचार्य के जीवन एवं सेवाकाल से जुड़े प्रसंगों को साझा किया। वहीं शाला के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके सहज और सरल स्वभाव के साथ छात्राओं के प्रति उनके समर्पण का उल्लेख किया।
सुनीता परमार, नवीन मिश्रा, ज्ञानचंद सावले, सतविंदर सिंह भाटिया, रविंदर कौर भाटिया, माधुरी उपाध्याय, अंकित बर्वे, सत्यम गीते, भारती सोनी, जितेंद्र चौरे, दामिनी कानूनगो, शीतल सोहनी, नागभूषण शर्मा, वीरेंद्र दसौंधी, राकेश शर्मा और प्रताप सिंह ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। कुछ शिक्षकों ने कविताओं के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
बोलीं- शासकीय सेवा से विदा, शाला से जुड़ाव बना रहेगा
विदाई समारोह में हंसा कानूड़े ने कहा कि वह शासकीय सेवक के रूप में विद्यालय से विदा हो रही हैं, लेकिन तन-मन से इस शाला से उनका जुड़ाव हमेशा बना रहेगा।
इस दौरान उनकी ओर से मां सरस्वती की प्रतिमा भेंट की गई। कार्यक्रम के अंत में शाला परिवार की ओर से उन्हें अभिनंदन पत्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।












