आपात स्थिति में जीवन बचाने के गुर, आत्मविश्वास से भरपूर हुईं छात्राएं
खरगोन। The India Speaks Desk
शासकीय विधि महाविद्यालय, खरगोन में ‘नारी वंदन पखवाड़ा’ के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के लिए आत्मरक्षा एवं सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं व दूसरों की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना रहा।
आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
महाविद्यालय की क्रीड़ा अधिकारी डॉ. पूर्णिमा बीसे ने छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय सूझबूझ और सही तकनीक का उपयोग कर स्वयं की रक्षा की जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान ‘हैंड्स-ऑन’ डेमो के माध्यम से हमले से बचाव और आत्मविश्वास के साथ प्रतिक्रिया करने की तकनीकें सिखाई गईं।
सीपीआर प्रशिक्षण से मिली जीवन रक्षक जानकारी
स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देते हुए डॉ. बीसे ने विद्यार्थियों को सीपीआर का विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने बताया कि अचानक हृदयाघात या बेहोशी की स्थिति में सीपीआर जीवन रक्षक साबित हो सकता है। इस दौरान छाती दबाने (चेस्ट कंप्रेशन) की सही तकनीक, गति और मेडिकल सहायता पहुंचने तक किए जाने वाले प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई।
“वर्तमान समय में युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए आत्मरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण उन्हें सुरक्षित और सजग रहने में मदद करता है।”
बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण का लाभ
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह मंडलोई, कार्यक्रम संयोजक सुश्री तृप्ति सोनी सहित समस्त शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रशिक्षण में भाग लेकर न केवल आत्मरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा की तकनीकें सीखी, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी लिया।










