नई दिल्ली। The India Speaks Desk
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी Cockroach Janta Party (CJP) का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया, जबकि पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन 11वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की कमी के चलते नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
इधर बुधवार सुबह जारी हेल्थ बुलेटिन ने सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार अनशन के कारण उनके वजन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है, जबकि आंदोलनकारी सरकार से तत्काल संवाद शुरू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
ताजा हेल्थ बुलेटिन में क्या सामने आया?
मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सोनम वांगचुक का वजन घटकर 59.40 किलोग्राम रह गया है। अनशन शुरू होने के बाद से उनका 7 किलोग्राम से अधिक वजन कम हो चुका है।
बुलेटिन के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर बैठी हुई अवस्था में 103/68 mmHg और लेटी हुई अवस्था में 111/73 mmHg दर्ज किया गया। हार्ट रेट 74 BPM, ब्लड शुगर 75 mg/dL और ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हाइड्रेशन स्थिति फिलहाल संतोषजनक है और वे मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं, लेकिन लगातार वजन घटना चिंता का विषय बना हुआ है।
आंदोलन की मुख्य मांग क्या है?
Cockroach Janta Party और आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि NEET-UG समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही के अभाव के कारण मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
इसके साथ ही आंदोलनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग कर रहे हैं।
सरकार की ओर से क्या है स्थिति?
अब तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से आंदोलनकारियों के साथ किसी नई औपचारिक वार्ता की घोषणा नहीं की गई है। प्रदर्शनकारी लगातार संवाद की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार करने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
अब आगे क्या?
जंतर-मंतर पर जारी यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। एक ओर सोनम वांगचुक का अनशन लंबा खिंचता जा रहा है और उनकी सेहत चिंता का कारण बन रही है, वहीं दूसरी ओर आंदोलनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार आंदोलनकारियों से बातचीत शुरू करेगी या यह गतिरोध और लंबा चलेगा।











