खरगोन। पहाड़, नदी और मोबाइल नेटवर्क से दूर इलाका… ऊपर से खेतों तक पहुंचना भी आसान नहीं। ऐसे दुर्गम इलाके में बड़े पैमाने पर गांजे की खेती किए जाने का खुलासा हुआ है। खरगोन पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चैनपुर थाना क्षेत्र के दो स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 15,191 गांजे के पौधे जब्त किए हैं। जब्त पौधों का कुल वजन 5,974 किलो यानी 59.74 क्विंटल बताया गया है, जबकि पुलिस ने इनकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 98 लाख 70 हजार रुपए बताई है।


ड्रोन से हुई खेतों की तलाश, नदी-पहाड़ पार कर पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक दोनों स्थान मोबाइल नेटवर्क से बाहर के ‘शैडो एरिया’ में हैं। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण पुलिस टीम को खेतों तक पहुंचने के लिए नदी और पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ा। खेतों की सर्चिंग में ड्रोन की भी मदद ली गई। कार्रवाई में चैनपुर, भीकनगांव, बिस्टान और गोगावां थानों के साथ पुलिस लाइन की संयुक्त टीम शामिल रही।
एक खेत में 9,391 पौधे, दूसरे में 5,800
पुलिस के अनुसार ग्राम जामली में दंगलिया, मधू और सुखलाल के खेतों से 9,391 पौधे जब्त किए गए। इनका वजन 3,765 किलो और अनुमानित कीमत 1 करोड़ 88 लाख 25 हजार रुपए बताई गई है।
वहीं गुवाड़ा ठाटा फलिया में जागीर के खेत से 5,800 पौधे जब्त किए गए। इनका वजन 2,209 किलो और अनुमानित कीमत 1 करोड़ 10 लाख 45 हजार रुपए बताई गई है। दोनों मामलों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
चार आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट में केस
पुलिस के अनुसार जामली मामले में दंगलिया पिता भुवान, मधू पिता दंगलिया और सुखलाल पिता केरिया के खिलाफ थाना चैनपुर में अपराध क्रमांक 311/2026 के तहत धारा 8/20 NDPS एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है।
गुवाड़ा ठाटा फलिया मामले में जागीर पिता बुटसिंह के खिलाफ अपराध क्रमांक 312/2026 के तहत धारा 8/20 NDPS एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के मुताबिक चारों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
अब सवाल सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं
पुलिस ने करीब तीन करोड़ रुपए की अनुमानित कीमत की गांजे की फसल जब्त कर ली, लेकिन इस कार्रवाई के बाद कई सवाल भी सामने हैं। इतने बड़े क्षेत्र में खेती के लिए बीज, पानी और अन्य संसाधन कहां से आए? तैयार फसल की सप्लाई कहां होनी थी? क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?
इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई खेती के दो ठिकानों और चार आरोपियों तक पहुंची है। पश्चिम निमाड़ के दुर्गम इलाकों में अवैध गांजा खेती को लेकर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।












